राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 0.2 अभियान की शुरुआत, गयाजी से रवाना हुआ मध्यस्थता अभियान रथ
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 31 जनवरी 2026,
गयाजी; विवादों के त्वरित, सौहार्दपूर्ण एवं प्रभावी निष्पादन के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 0.2” अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 90 दिनों तक चलाया जाएगा, जिसके तहत व्यवहार न्यायालयों एवं सरकारी संस्थाओं में न्याय की प्रत्याशा में लंबित मामलों का निपटारा पक्षकारों के बीच मध्यस्थता एवं सुलह के आधार पर किया जाएगा।
माननीय मुख्य न्यायाधीश ने दिखाई हरी झंडी
इस वृहद अभियान की सफलता के लिए पटना उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश सह संरक्षक, बालसा न्यायमूर्ति संगम कुमार शाहू द्वारा मध्यस्थता अभियान रथ को अपने कर-कमलों से हरी झंडी दिखाकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गयाजी परिसर से रवाना किया गया।
उच्च न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता
इस अवसर पर पटना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल प्रदीप कुमार मलिक, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार मदन किशोर कौशिक, उपाध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार सह जिला दंडाधिकारी शशांक शुभंकर, सदस्य जिला विधिक सेवा प्राधिकार सह वरीय आरक्षी अधीक्षक सुशील कुमार तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार अरविंद कुमार दास सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मध्यस्थता से न्याय सुलभ कराने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान सभी न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए सामूहिक संकल्प व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण समाधान भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

आम लोगों तक पहुंचेगा अभियान का संदेश
मध्यस्थता अभियान रथ के माध्यम से आम जनता को मध्यस्थता, सुलह एवं वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि लोग न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित समाधान के लिए इस प्रक्रिया को अपनाने के लिए प्रेरित हों।