किलकारी बाल भवन में धूमधाम से मना 77वां गणतंत्र दिवस
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 26 जनवरी 2026,
गयाजी; किलकारी बिहार बाल भवन, गयाजी परिसर में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास, अनुशासन और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर कीर्ति चक्र से सम्मानित वीर सपूत कर्नल पंकज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समाजसेवी राजेश्वर सिंह, रूपक सिंह, वरिष्ठ पत्रकार रजनीश कुमार ‘जून्ना’ तथा वरिष्ठ समाजसेवी धर्मेंद्र कुमार सिंह की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत कर्नल पंकज कुमार एवं किलकारी के प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक राजीव रंजन श्रीवास्तव द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुई। इसके बाद राष्ट्रगान की गूंज से पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो उठा।
मुख्य अतिथि कर्नल पंकज कुमार ने अपने प्रेरक संबोधन में बच्चों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था में संस्कारों और सृजनात्मकता का विकास ही सशक्त राष्ट्र की मजबूत नींव है, और इस दिशा में किलकारी बिहार बाल भवन जैसे संस्थान सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं।
प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक राजीव रंजन श्रीवास्तव ने गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए संविधान में निहित लोकतांत्रिक मूल्यों, समानता और जिम्मेदारी की भावना को बच्चों के जीवन से जोड़कर प्रस्तुत किया। उन्होंने किलकारी द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु संचालित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों की भी जानकारी दी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के क्रम में नृत्य प्रशिक्षिका अंजली कुमारी के निर्देशन में बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत कथक नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक भाव-भंगिमा और सधे हुए ताल-लय के साथ प्रस्तुत इस नृत्य ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक दिखाई। वहीं संगीत विधा के बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार, सहायक लेखा पदाधिकारी गुड़िया कुमारी, प्रमंडल संसाधन सेवी सोनम कुमारी सहित किलकारी के सभी प्रशिक्षक एवं लगभग 350 बच्चे उपस्थित रहे। समापन अवसर पर अतिथियों, अभिभावकों और बच्चों ने सफल आयोजन के लिए किलकारी बिहार बाल भवन, गया जी की पूरी टीम की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों के बीच मिठास और उत्साह के प्रतीक स्वरूप जलेबी का वितरण किया गया। यह आयोजन न केवल गणतंत्र दिवस का उत्सव रहा, बल्कि बच्चों की प्रतिभा और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करने का प्रभावी मंच भी सिद्ध हुआ।