बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 20 जनवरी 2026,
गयाजी; भारत सरकार एवं बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मंगलवार को किया गया। यह कार्यक्रम 20 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक निरंतर संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, रहिम बिगान, नगर प्रखंड, गयाजी में हुई।
बालिकाओं के सशक्तिकरण पर दिया गया विशेष बल
उद्घाटन अवसर पर उपस्थित बालिकाओं, किशोरियों एवं महिलाओं को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बालिकाओं का सशक्तिकरण समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं समान अवसर प्रदान कर ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। इस क्रम में आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सशक्तीकरण, महिला सुरक्षा, बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वावलंबन से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने शिक्षा प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाएं एवं सुरक्षा योजनाओं से बालिकाओं को अवगत कराया।
बाल विवाह उन्मूलन को लेकर जागरूकता सत्र
इस अवसर पर बाल विवाह के खिलाफ विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। वक्ताओं ने बाल विवाह के सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए इसे समाप्त करने के लिए समाज के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह नहीं करने और न होने देने की शपथ दिलाई गई।
समान और सुरक्षित समाज की दिशा में संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियों को शिक्षित एवं सशक्त बनाकर ही सामाजिक असमानताओं को समाप्त किया जा सकता है। राष्ट्रीय बालिका दिवस के इस बहुदिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना तथा एक समान, सुरक्षित और समावेशी समाज का निर्माण करना है।
कार्यक्रम में उपस्थिति
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम की जयवंती सिन्हा, सुशांत आनंद, आरती कुमारी, विशाल कुमार वर्मा, पिंटु कुमार, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका, शिक्षिकाएं एवं बालिकाएं उपस्थित रहीं। सभी ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।