मानपुर के बृजेश नगर में अतिक्रमण हटाया गया, मल्टी ट्रैकिंग रेल परियोजना के तहत 76 परिवार विस्थापित
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 15 जनवरी 2026,
मानपुर। पूर्व मध्य रेल की सोननगर–गया–मानपुर–अंडाल मल्टी ट्रैकिंग रेलवे परियोजना के तहत निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को मानपुर अंचल के वार्ड संख्या 47 अंतर्गत बृजेश नगर में रेलवे भूमि पर किए गए अतिक्रमण को प्रशासन द्वारा हटाया गया। यह कार्रवाई अधिकारियों एवं पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना मौजूदा रेलवे लाइन के बहु-ट्रैकिंग, यानी प्रभावी रूप से चौगुनीकरण से जुड़ी है। परियोजना के अंतर्गत नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 374.53 किलोमीटर है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पूर्वी समर्पित माल गलियारे पर दबाव कम करना तथा माल और यात्री परिवहन को अधिक सुगम एवं तेज बनाना है।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी, निर्माण कार्य जारी
परियोजना पर कार्य कर रही एजेंसी एलएंडटी के अनुसार मानपुर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अधिग्रहित भूमि पर रेलवे लाइन बिछाने का कार्य जारी है। इसी के तहत बृजेश नगर में बने झोपड़ीनुमा अतिक्रमणों को हटाया गया।
मानपुर अंचलाधिकारी सुबोध कुमार सिंह ने बताया कि सभी अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका था। कुल 76 अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जिसमें जेसीबी मशीनों और मजदूरों की सहायता ली गई।
विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था
सदर अनुमंडल पदाधिकारी अनिल कुमार रमन ने बताया कि विस्थापित परिवारों को पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्था नीति 2013 के तहत मानपुर अंचल के रूपसपुर में प्रति परिवार दो-दो डिसिमल भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां उन्हें बसाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य परियोजना को समय पर आगे बढ़ाने के साथ-साथ विस्थापित परिवारों के समुचित पुनर्वास को भी सुनिश्चित करना है।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एसडीपीओ वजीरगंज सुनील कुमार पाण्डेय, मानपुर सीओ सुबोध कुमार सिंह, रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर शशि कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें
रेलवे अधिकारियों के अनुसार परियोजना के पूर्ण होने के बाद ट्रेनों की गति 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक संभव हो सकेगी, जिससे रेल यातायात में भीड़ कम होगी और यात्रियों को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।