विश्व हिंदी दिवस पर अखिल भारतीय अंतर-बैंक हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता के परिणाम घोषित
आर्यावर्त वाणी | गयाजी/मुंबई |10 जनवरी 2026,
गयाजी/मुंबई। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित अखिल भारतीय अंतर-बैंक हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता 2025-26 के परिणाम आज आधिकारिक रूप से प्रकाशित कर दिए गए। प्रतियोगिता में देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वित्तीय संस्थानों एवं बीमा कंपनियों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बैंक प्रबंधन के अनुसार प्रतियोगिता के लिए प्राप्त प्रविष्टियां उच्च साहित्यिक स्तर, वैचारिक गहराई एवं भाषा की समृद्धि से परिपूर्ण रहीं। निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु प्रविष्टियों का मूल्यांकन अन्य संस्थाओं के प्रतिष्ठित अधिकारियों द्वारा किया गया, जिसमें प्रतिभागियों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी गई।
हिंदी भाषी वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन
इस वर्ग में कई प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रोत्साहन से सम्मानित किया गया। भारतीय स्टेट बैंक, गयाजी में पदस्थापित सहायक प्रबंधक सुमंत सौरभ को उनकी सशक्त हिंदी अभिव्यक्ति के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया।
परिणाम प्रकाशित होने के उपरांत सुमंत सौरभ ने अपने सहयोगियों एवं शुभचिंतकों के साथ भावनात्मक संदेश साझा करते हुए कहा—
“जिस भाषा में माँ की लोरी हो, उस भाषा पर गर्व करना ही सच्चा संस्कार है।”
उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे वरिष्ठों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों का स्नेह, सहयोग और सकारात्मक ऊर्जा सदैव उनके साथ रही है, जिसके लिए वे हृदय से आभारी हैं।
आज के समय में अंग्रेज़ी को विद्वता का पैमाना मान लिया गया है, जबकि हिंदी में अभिव्यक्ति करने वालों को अनजाने में कम आँका जाता है। बुद्धि भाषा से नहीं, विचारों से पहचानी जाती है। जिसकी सोच सशक्त होती है, उसकी भाषा स्वतः ही गरिमामयी बन जाती है। हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति और आत्मा है। आप सभी से आह्वान है कि हिंदी को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखकर उसे अपने विचार, व्यवहार और व्यक्तित्व में ससम्मान स्थान दें।
सुमंत सौरभ, सहायक प्रबंधक, SBI गयाजी
प्रतियोगिता में विजेता रहे देश भर के विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी
प्रतियोगिता में हिंदी भाषी, हिंदीतर भाषी एवं राजभाषा अधिकारी/अनुवादक वर्गों में विभिन्न बैंकों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुरस्कार प्राप्त कर हिंदी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। बैंक ऑफ इंडिया ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु इस प्रकार की प्रतियोगिताएं भविष्य में भी निरंतर आयोजित की जाती रहेंगी।