राज्य वन प्रशिक्षण संस्थान में वनरक्षियों के छः माह के आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 06 जनवरी 2026
गयाजी; पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार के अंतर्गत राज्य वन प्रशिक्षण संस्थान, गयाजी में वनरक्षियों के छः माह के आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में प्रभात कुमार गुप्ता, भा.व.से., प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF), बिहार उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि सुरेन्द्र सिंह, भा.व.से., अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कार्य नियोजन, प्रशिक्षण एवं विस्तार) बिहार तथा गणमान्य अतिथि एस. सुधाकर और श्रेष्ठ कुमार कृष्णा भी मौके पर उपस्थित थे।
अतिथियों का स्वागत एवं दीप प्रज्वलन
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के आगमन पर पुष्पगुच्छ से सम्मान किया गया। इसके बाद कक्षा-कक्ष में औपचारिक स्वागत के बाद मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक का स्वागत-संबोधन
राज्य वन प्रशिक्षण संस्थान, गयाजी के निदेशक ने स्वागत सह संबोधन प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षण की संरचना, उद्देश्य एवं वनरक्षियों की भविष्य की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण वनरक्षियों को फील्ड के अनुरूप सक्षम एवं दायित्वों के प्रति जागरूक बनाता है।
गयाजी अंचल के मुख्य वन संरक्षक का संबोधन
मुख्य वन संरक्षक-सह-वन संरक्षक, गयाजी अंचल ने अपने संबोधन में प्रशिक्षुओं को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा तथा सेवा भावना के साथ कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए अनुशासन और व्यावहारिक कौशल आगे चलकर अत्यंत उपयोगी साबित होंगे।
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक का संबोधन
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कार्य नियोजन, प्रशिक्षण एवं विस्तार) ने कहा कि आधारभूत प्रशिक्षण वनरक्षियों के सेवा जीवन की मजबूत नींव है। इससे वे वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के दायित्वों को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकेंगे।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF) का संबोधन
मुख्य अतिथि, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF), बिहार ने वनरक्षियों को ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वनरक्षी वन विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं जिनपर वन एवं वन्यजीव संरक्षण की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। प्रशिक्षण के दौरान कानूनी प्रावधान, फील्ड अनुशासन, शारीरिक प्रशिक्षण एवं सर्वेक्षण से संबंधित व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षुओं की संख्या एवं भागीदारी
उल्लेखनीय है कि इस छः माह के आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से चयनित कुल 36 वनरक्षी भाग ले रहे हैं, जिनमें 28 पुरुष एवं 08 महिला वनरक्षी शामिल हैं। यह प्रशिक्षण आगामी दिनों में वनरक्षियों को राज्य के वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण में जिम्मेदार एवं प्रभावी भूमिका निभाने हेतु सक्षम बनाएगा।
