नीमचक बथानी में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ का भव्य आयोजन, शहीदों के सम्मान रंगारंग कार्यक्रम
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 04 जनवरी 2026,
गयाजी; नीमचक बथानी अनुमंडल प्रशासन द्वारा रविवार को आयोजित विशेष सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम ‘एक शाम शहीदों के नाम’ पूरी तरह शहीदों के सम्मान, देशभक्ति की उमंग और कलात्मक अभिव्यक्ति को समर्पित रही। कार्यक्रम में दूरदर्शन और आकाशवाणी (रेडियो) से जुड़े मशहूर कलाकारों ने ऐसी प्रस्तुति दी कि उपस्थित दर्शक देशभक्ति की धुनों में खो गए। कार्यक्रम स्थल पर शुरू से अंत तक बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, अधिकारी एवं बुद्धिजीवी मौजूद रहे।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
शहीदों की आत्मा की शांति और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत एसडीएम केशव आनंद, एसडीपीओ सुरेन्द्र कुमार सिंह एवं कार्यपालक दंडाधिकारी संतोष कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की। अधिकारियों ने मंच से शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं।
देशभक्ति गीतों की धुनों ने बांधा समा
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रेडियो व दूरदर्शन के कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियाँ रहीं। सबसे पहले गायक ब्रजेश कुमार ने अपनी मनमोहक आवाज़ में “हैं प्रीत जहाँ की रीत सदा, मैं गीत वहाँ का गाता हूँ…” की प्रस्तुति दी। दर्शकों ने तालियों से उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने “चिट्ठी आई है” सहित कई ऐसे गीत प्रस्तुत किए जो आज भी लोगों की भावनाओं को झकझोर देते हैं। जैसे ही उनके गीतों की धुनें गूंजी, पूरा माहौल भावनाओं से भर उठा।

उनके बाद मंच संभाला गायिका साधना झा ने। उन्होंने “हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए…” गीत के साथ ऐसा समा बांधा कि पूरा पंडाल देशभक्ति से सराबोर हो गया। उनकी मधुर आवाज़ और ऊर्जावान प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया। साधना झा के बाद मंच संभाला अशोक कुमार ने उन्होंने देश प्रेम से ओतप्रोत गीत “आपस में प्रेम करो देश प्रेमियों” गाकर लोगों को देशप्रेम की ऊर्जा से भर दिया, इसके बाद “तेरे नाम का दीवाना” आदि गाने गाकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उद्घोषक शशि सिन्हा की प्रस्तुति से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
कार्यक्रम के उद्घोषक शशि सिन्हा ने पूरे आयोजन में अपनी सजग, सरल और मनोरंजक शैली से ऊर्जा बनाए रखी। बीच-बीच में उन्होंने हास्य कविताएँ और हल्के-फुल्के चुटकुले सुनाकर दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। इससे कार्यक्रम में मनोरंजन का अनोखा रंग भी जुड़ गया। वहीं वादकों ने भी अपने वाद्ययंत्रों के सुरों से दर्शकों को बांधे रखा, सरोज कुमार ने कीबोर्ड से तो पप्पू राज ने नाल से तो वही पैड बजाकर नंदन कुमार ने कार्यक्रम में जान डाल दी।
अधिकारी एवं गणमान्यों की भी रही खास उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इनमें प्रमुख रूप से खिजरसराय बीडीओ कुमारी सुमन, सीडीपीओ कुमारी मोना, अंचल अधिकारी चंदन कुमार, मोहड़ा बीडीओ मुकेश यादव, अतरी बीडीओ धनंजय कुमार, पुलिस निरीक्षक अशोक कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को राष्ट्रप्रेम से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्थानीय लोगों ने भी की सराहना
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि शहीदों के नाम से आयोजित यह शाम न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम रही बल्कि भावनात्मक रूप से भी बेहद प्रेरक थी। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने देशभक्ति गीतों पर तालियाँ बजाईं और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम बना यादगार
‘एक शाम शहीदों के नाम’ न सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह शहीदों के बलिदान को याद करने का अवसर भी बना।
दर्शकों की भारी भीड़, कलाकारों की शानदार प्रस्तुति और अधिकारियों की उपस्थिति ने इसे एक यादगार शाम बना दिया।
