ठंड से बचने को जलाई गई अंगीठी बनी काल, गयाजी में नानी और दो नाती-नातिन की दम घुटने से मौत
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 31 दिसंबर 2025,
गयाजी/वजीरगंज। बिहार में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है और इससे बचाव के लिए लोग घरों में अंगीठी या बोरसी जलाने को मजबूर हैं। लेकिन इसी बचाव ने गयाजी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना को जन्म दे दिया। वजीरगंज थाना क्षेत्र के कुर्किहार स्थित एकता ग्राम में बंद कमरे में बोरसी जलाने से नानी व दो मासूमों की दम घुटने से मौत हो गई। जिसकी वजह से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।
नानी के साथ सो रहे थे दोनों बच्चे
जानकारी के अनुसार नानी मीना देवी ठंड से बचने के लिए कमरे में बोरसी जलाकर अपने नाती-नातिन के साथ सो गई थीं। रातभर कमरा बंद रहने की वजह से धुआं कमरे के भीतर ही भर गया और तीनों की मौत दम घुटने की वजह से गया। मृतकों की पहचान गांगो मांझी की पत्नी मीना देवी (60), उनके नाती सुजीत कुमार (3) और नातिन अंशु कुमारी (5) के रूप में हुई है।
सुबह दरवाजा खोलने पर हुआ घटना का पता
परिजनों ने बताया कि सुबह देर तक कमरे से कोई आवाज नहीं आने पर दरवाजा खोला गया तो मीना देवी और दोनों बच्चे बेसुध पड़े थे। परिजन तुरंत उन्हें उठाकर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस कर रही जांच, शव पोस्टमार्टम को भेजा गया
घटना की सूचना मिलते ही वजीरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मौत का कारण बोरसी के धुएं से दम घुटना प्रतीत होता है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
शोक में डूबा परिवार, गांव में मातम
घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है। बच्चों की मां काजल देवी, जो हाल ही में मायके आई थीं, घटना के बाद बदहवाश हैं। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
बार-बार हादसे, फिर भी लोग नहीं ले रहे सबक
गया सहित बिहार के कई इलाकों में इस बार ठंड के कारण बोरसी और अंगीठी से दम घुटने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इसके बावजूद लोग सावधानी नहीं बरत रहे हैं, जिसका नतीजा जानलेवा साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बंद कमरे में अंगीठी जलाना बेहद खतरनाक है, इससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है जो कुछ ही मिनटों में दम घोट सकती है।
सावधानी ही बचाव
प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि ठंड से बचाव के लिए बोरसी/अंगीठी का उपयोग खुले स्थान पर करें और कमरे को बंद न रखें ताकि वेंटिलेशन चालू रहे। रात में इसे जलाकर छोड़ने और कमरा बंद रहने की वजह से इस तरह के हादसे हो सकते है इसलिए सावधानी बरतें।