गयाजी में नक्सलियों को बड़ा झटका: पहाड़ी पर छुपाया देसी सिक्सर और 22 कारतूस बरामद
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 25 दिसंबर 2025,
गयाजी; गयाजी में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। लुटुआ थाना क्षेत्र के बछेड़वा पहाड़ से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए एक देसी सिक्सर और 22 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। हाल के दिनों में यह क्षेत्र नक्सल गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है, ऐसे में यह बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
खुफिया सूचना पर गठित हुई विशेष टीम
गयाजी एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के पास सूचना आई थी कि बछेड़वा पहाड़ के आसपास नक्सली मूवमेंट देखे गए हैं। सूचना की गंभीरता को समझते हुए एसएसपी ने एसडीपीओ इमामगंज, लुटुआ थाना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया।
सर्च ऑपरेशन में हथियारों की बरामदगी
गठित विशेष टीम ने पहाड़ी इलाके में गहन तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान सुरक्षा बलों को जमीन में छिपाकर रखे गए हथियार मिले। बरामद सामग्री में एक देसी सिक्सर और 22 जिंदा कारतूस शामिल हैं। प्राथमिक अनुमान है कि नक्सली इसे किसी आगामी गतिविधि में उपयोग करने की तैयारी में थे।
नक्सलियों के नेटवर्क पर प्रहार
यह बरामदगी नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण की दिशा में एक प्रभावी कदम है। गयाजी सहित बिहार के कई जिलों में सुरक्षा बल नक्सली ठिकानों पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं। यह घटना इस बात का संकेत है कि सुरक्षा बलों की बढ़ती चौकसी और तकनीकी निगरानी के कारण नक्सलियों की रणनीतियाँ बार-बार विफल हो रही हैं। पहाड़ी इलाकों में छिपे हथियारों की बरामदगी यह दर्शाती है कि नक्सली अब पूर्व की तरह मजबूत लॉजिस्टिक सपोर्ट नहीं जुटा पा रहे हैं।
एनकाउंटर नहीं, बल्कि “सर्च इंटेलिजेंस ऑपरेशन” की सफलता
इस ऑपरेशन की खास बात यह है कि यह किसी मुठभेड़ के बजाय खुफिया आधारित सर्च ऑपरेशन था। इसका मतलब है कि सुरक्षा एजेंसियों की इंटेलिजेंस यूनिट बेहद सटीक जानकारी जुटा रही है। नक्सलियों का बेस एरिया सिकुड़ रहा है और उन्हें अपने संसाधन सुरक्षित रखने में कठिनाई हो रही है। कम संख्या में हथियारों की बरामदगी भी संकेत देती है कि अब नक्सली बड़े हथियार भंडारण करने से बच रहे हैं, जिससे उनकी क्षमता में गिरावट स्पष्ट है। गयाजी और आसपास के इलाकों में लगातार दबाव बनाए रखने से नक्सलियों की सप्लाई चेन टूट रही है, जो किसी भी उग्रवादी संगठन के कमजोर पड़ने का सबसे बड़ा संकेत होता है।
“नक्सलियों द्वारा छुपाए गए हथियार और कारतूस की बरामदगी की गई है। लुटुआ थाना क्षेत्र के बछेड़वा पहाड़ में यह सफलता मिली है। ऐसे ऑपरेशन्स आगे भी जारी रहेंगे, ताकि क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाया जा सके।”
कांतेश कुमार मिश्रा, एसएसपी गयाजी,
गयाजी में हुई यह बड़ी बरामदगी संकेत देती है कि सुरक्षा बलों का अभियान नक्सलियों के नेटवर्क को लगातार कमजोर कर रहा है। पहाड़ी इलाकों में छिपाए गए हथियारों का मिलना नक्सलियों की रणनीति के विफल होने का प्रमाण है। सुरक्षा एजेंसियां अब और सतर्क हैं, और आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में और भी सफलताएं मिलने की उम्मीद है।