मनरेगा का नाम बदलना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान : कांग्रेस
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 दिसंबर 2025,
गयाजी। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर ‘विकसित भारत–ग्रामीण रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन विधेयक, 2025’ करने के प्रस्ताव को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान बताया है। नेताओं ने कहा कि देशवासी इस अपमान को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इतिहास मिटाने का काम कर रही है मोदी सरकार : कांग्रेस
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, धर्मेंद्र कुमार निराला, शिव कुमार चौरसिया, दामोदर गोस्वामी एवं प्रद्युम्न दुबे सहित अन्य नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि मोदी सरकार बीते 11 वर्षों से इतिहास बनाने के बजाय उसे मिटाने का काम कर रही है। इसी कड़ी में अब 2005 से अधिसूचित मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है, जो घोर अन्याय है।
मनरेगा एक कानूनी अधिकार, सिर्फ योजना नहीं
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यूपीए सरकार ने वर्ष 2006 से मनरेगा के माध्यम से देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को काम मांगने का कानूनी अधिकार दिया। इस अधिनियम के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी वयस्क सदस्य रोजगार के लिए आवेदन कर सकता है। सरकार पर प्रति परिवार प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों तक अकुशल श्रम कार्य उपलब्ध कराने की कानूनी बाध्यता है और समय पर काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि कानूनी रूप से प्रवर्तनीय अधिकार है, जिसकी तुलना दुनिया की किसी अन्य योजना से नहीं की जा सकती।
आर्थिक संकट के समय बना ग्रामीणों का सहारा
नेताओं ने कहा कि सूखा, कृषि संकट और कोविड-19 महामारी जैसे कठिन समय में मनरेगा ने ग्रामीण गरीबों और प्रवासी मजदूरों के लिए आर्थिक कवच का काम किया। लाखों मजदूरों के लिए यही योजना आजीविका का प्रमुख आधार बनी।
नाम परिवर्तन से देश को क्या संदेश देना चाहती है सरकार
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि 16 दिसंबर को संसद में प्रस्तावित ‘विकसित भारत–ग्रामीण रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन विधेयक, 2025’ लाकर सरकार आखिर देशवासियों को क्या संदेश देना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह कदम राष्ट्रपिता के योगदान को भुलाने का प्रयास है।
पूर्ववर्ती योजनाओं के नाम बदलने का लगाया आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पहले भी योजना आयोग का नाम बदलकर नीति आयोग, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना किया और अब महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना का नाम बदलने जा रही है।
21 दिसंबर को राज्यव्यापी प्रदर्शन की घोषणा
कांग्रेस पार्टी ने ऐलान किया कि 21 दिसंबर 2025 को राज्य के सभी 38 जिला मुख्यालयों पर महात्मा गांधी का नाम हटाने के खिलाफ विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इसी क्रम में गयाजी समाहरणालय के समक्ष भी कांग्रेसजन बड़ा विरोध-प्रदर्शन करेंगे।