एक करोड़ की रंगदारी कांड का पर्दाफाश: खुद डॉक्टर निकले मास्टरमाइंड, तीन गिरफ्तार
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 17 जनवरी 2026,
गयाजी। गयाजी पुलिस ने एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के सनसनीखेज मामले में त्वरित और सटीक कार्रवाई करते हुए बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि रंगदारी की शिकायत करने वाले स्वयं डॉक्टर ही इस पूरे षड्यंत्र के मुख्य अभियुक्त निकले। सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का खुलासा किया।
घटना के अनुसार दिनांक 07.01.2026 को डॉ सत्येंद्र कुमार द्वारा लिखित आवेदन दिया गया था कि उनकी पत्नी के मोबाइल फोन पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा कॉल कर 01 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है तथा पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इस संबंध में मगध मेडिकल थाना कांड संख्या-11/26, दिनांक-07.01.2026 दर्ज कर विधिवत अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
विशेष टीम का गठन, तकनीकी अनुसंधान से खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वरीय अधिकारियों के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा आसूचना संकलन एवं तकनीकी अनुसंधान के क्रम में इस कांड में संलिप्त इरशाद अहमद और नौशाद अहमद, दोनों निवासी गेवाल बिगहा, थाना रामपुर, जिला गयाजी को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पकड़े गए दोनों अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि वादी डॉ. सत्येंद्र कुमार के कहने पर ही उनकी पत्नी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी और जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके बाद डॉ. सत्येंद्र कुमार को पूछताछ के लिए मगध मेडिकल थाना बुलाया गया, जहां पूछताछ के दौरान उनकी संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आई। तत्पश्चात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
निजी नर्सिंग होम और पारिवारिक विवाद बना साजिश की वजह
पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉ. सत्येंद्र कुमार अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH), गया के न्यूरो सर्जरी विभाग के एचओडी हैं और वे एक निजी नर्सिंग होम भी संचालित करते थे। नर्सिंग होम की इमारत किराए पर ली गई थी, जिसका किराया बकाया चल रहा था। आर्थिक तंगी और पत्नी से पैसे लेने के उद्देश्य से इस रंगदारी कांड की साजिश रची गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. सत्येंद्र कुमार और उनकी पत्नी विभा देवी के बीच पिछले कई वर्षों से संबंध सामान्य नहीं थे। वहीं, गिरफ्तार अभियुक्त नौशाद अहमद डॉक्टर का कंपाउंडर और पार्टनर भी था।